एकलव्य

Monday, January 11, 2010

आज से हिंदी ब्लागिंग की स्वच्छ छबि की रक्षा करने हेतु सीमाओं पर एंटी गाइडेड मिजाइले तैनात

कल लिखा था की साजिशे करना छोड़ दो . अमर्यादित भाषा का उपयोग करना बंद करो . किसी की टोपी उछालना बंद करो ... बहुत हो गई . मेरा गुस्सा ललित जी समयचक्र पर बता दिए है..... गुरु ने ब्लागिंग से राम राम की तो वो सब कुछ नाम खोलकर लिखूंगा की बाबा हिल जाओगे...लखटकिया कन फटिया सतर्क हो जाओ और हिंदी ब्लागिंग जगत की बनती छबि को विश्व के समाने लज्जित मत करो . बहुत हो ...... जिस भाषा का खा रहो हो उस भाषा के चिथड़े चिथड़े करने की ठेकेदारी बंद करो .....हमारे गुरु ने पलायन नहीं किया है . आज बहुत समझाया है .और कई जने उन्हें समझा रहे है ..... ऐसे कुख्यात जनों को समझा रहा हूँ अपनी जद में रहो वरना हमने हिंदी ब्लागिंग की अस्मिता की और नव ब्लागरो की रक्षा करने के लिए आज से हिंदी ब्लागिंग की सीमाओं पर स्वच्छ छबि की रक्षा करने के लिए अपनी एंटी गाइडेड मिजाइले तैनात कर दी है ...जो हर दम मोर्चे पर तैनात रहेगी और ऐसे लालू चप्पू पर अपनी पल पल सतर्क निगाहें रखेगी ......सावधान .....सावधान....सावधान














 जब घातक हमला होगा फिर ऐसे रण छोड़ कर भागोगे ..बेहतर पहले भाग लो
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Sunday, January 10, 2010

गुरु ने ब्लागिंग से राम राम की तो वो सब कुछ नाम खोलकर लिखूंगा की बाबा हिल जाओगे...

मेरे गुरु ने ब्लागिंग से राम राम की तो वो सब कुछ नाम खोलकर लिखूंगा की बाबा हिल जाओगे बस देखते रह जाओगे.. साजिशे करना भूल जाओगे और टोपी भी उछालना भूल जाओगे . अभी आदरणीय हो फिर न रहोगे ... ऐसी टोपी पहनाई जायेगी की कभी भूलकर भी न पहनोगे ... हा हा हा फिर मिन्टास ही खाते रहोगे. ... अभी मर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहा हूँ फिर ऐसी भाषा पढोगे की जो तुमने कभी न पढ़ी होगी हा हा हा हा ... अरे किसी का नाम लेकर नहीं लिखते दम है तो नाम लेकर लिखो तबही साहसिक ब्लागिंग मानी जावेगी .

चुनौती मै स्वीकार करता हूँ स्वच्छ ब्लागिंग के लिए .